जून 2025 से फरार चल रहे तोमर को रायपुर क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती थाने की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्वालियर के विंडसर हिल्स इलाके से गिरफ्तार किया।

वीरेंद्र सिंह तोमर, जो कि रायपुर के एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर रहे हैं, उनकी गिरफ्तारी एक बड़ी खबर है।
ख़त्म हुआ आतंक! 162 दिन की फ़रारी के बाद ‘गोल्डमैन’ वीरेंद्र तोमर ग्वालियर से गिरफ़्तार

रायपुर में ‘गोल्डमैन’ के नाम से जाने=जाने वाला कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और अवैध सूदखोरी के सरगना वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी की गिरफ़्तारी। 162 दिनों से पुलिस को चकमा दे रहा था यह अपराधी आख़िरकार मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। वीरेंद्र तोमर, जिसने सूदखोरी और रंगदारी से अकूत दौलत बनाई, उसके काले साम्राज्य का अब अंत होता दिख रहा है।
घटना का विवरण
वीरेंद्र तोमर पर आरोप है कि वह अपने भाई रोहित तोमर (जो अब भी फरार है) के साथ मिलकर रायपुर में एक अवैध सूदखोरी रैकेट चलाता था।
छोटे से ठेले से शुरू हुआ सफ़र, देखते ही देखते करोड़ों की अवैध संपत्ति और सोने के गहनों के रसूख में बदल गया।
ज़रूरतमंदों को ऊंचे ब्याज पर क़र्ज़ देना, फिर ब्याज पर डबल ब्याज वसूलना, मारपीट और ब्लैकमेलिंग करना… यही था तोमर ब्रदर्स का ‘ऑपरेशन वसूल’। इनके आतंक से परेशान होकर कई लोगों ने आत्महत्या करने तक की कोशिश की।
पुलिस ने इनकी फ़रारी पर 5,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया था।

यह जून 2025 से फरार चल रहे तोमर को रायपुर क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती थाने की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर ग्वालियर के विंडसर हिल्स इलाके से गिरफ्तार किया।
कहा जा रहा है कि तोमर लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन पुलिस की टीमें राजस्थान, हरियाणा और ग्वालियर में उसकी तलाश में जुटी थीं। गिरफ्तारी के वक्त वीरेंद्र तोमर के चेहरे पर फ़रारी की मायूसी साफ़ झलक रही थी।
वीरेंद्र तोमर जैसे सूदखोरों का शिकार अक्सर मेहनतकश युवा बनते हैं, जो छोटी ज़रूरतों के लिए इनकी जालसाज़ी में फँस जाते हैं।
तोमर पर 16 से ज़्यादा मामले दर्ज हैं, जिनमें आर्म्स एक्ट, सूदखोरी और हत्या के प्रयास के केस शामिल हैं। अब पूछताछ में उसके भाई रोहित तोमर के ठिकानों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह गिरफ़्तारी, रायपुर पुलिस की अपराधियों के ख़िलाफ़ जारी अभियान में एक बड़ी सफलता है।
तोमर की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून के लंबे हाथ से बच नहीं सकता।
AA MEDIA TIMES
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उग्रसेन पाल






