यह वाकई में बहुत दुखद और आक्रोश पैदा करने वाली बात है। नगर निगम चिरमिरी की यह कार्यप्रणाली न केवल लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ है।

यह वास्तव में एक गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। सीएसपी ऑफिस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में, जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है, वहां झुकता हुआ बिजली का खंभा किसी बड़ी अनहोनी को खुला निमंत्रण दे रहा है।
उग्रसेन पाल
प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की लापरवाही न केवल खतरनाक है, बल्कि यह आम नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उदासीनता को भी दर्शाती है।
वर्तमान स्थिति और संभावित खतरे
- बिजली का खतरा: यदि खंभा गिरता है, तो बिजली के तारों के टूटने से शॉर्ट सर्किट या करंट फैलने का डर बना रहता है।
- आवाजाही में बाधा: सीएसपी ऑफिस के सामने होने के कारण यहां राहगीरों और वाहनों की संख्या अधिक होती है।
- जान-माल का नुकसान: बिना किसी चेतावनी के खंभा गिरने से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती ह
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यह वाकई में बहुत दुखद और आक्रोश पैदा करने वाली बात है। नगर निगम चिरमिरी की यह कार्यप्रणाली न केवल लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ है।
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हाल ही में हुई प्लेसमेंट कर्मचारी की मृत्यु की घटना के बाद तो प्रशासन को और भी अधिक सतर्क रहना चाहिए था, लेकिन ऐसा लगता है कि पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं लिया गया है। सीएसपी ऑफिस जैसे संवेदनशील क्षेत्र के पास झुकता हुआ खंभा किसी भी पल एक और “मानव निर्मित त्रासदी” का कारण बन सकता है।
प्रशासन की इस लापरवाही के मुख्य बिंदु:
- पुनरावृत्ति का खतरा: जब पहले ही सुरक्षा मानकों की कमी के कारण एक कर्मचारी अपनी जान गंवा चुका है, तो इस तरह के झुके हुए खंभे को नजरअंदाज करना आपराधिक लापरवाही की श्रेणी में आता है।
- सार्वजनिक सुरक्षा की अनदेखी: सीएसपी ऑफिस के पास पुलिस और आम जनता दोनों की भारी आवाजाही होती है। खंभा गिरने की स्थिति में किसी निर्दोष की जान जा सकती है।
- जवाबदेही का अभाव: नगर निगम के अधिकारियों का इस ओर ध्यान न देना यह बताता है कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।









