क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) कोरिया द्वारा खड़गवां जनपद पंचायत क्षेत्र में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया।

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) कोरिया द्वारा खड़गवां जनपद पंचायत क्षेत्र में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
यह एक बहुत ही सकारात्मक खबर है! खड़गवां जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए यह सुविधा वाकई मददगार साबित हुई होगी, क्योंकि अक्सर आरटीओ के चक्कर काटने के लिए लोगों को जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
—उग्रसेन पाल —
सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत इन दिनों एमसीबी जिले के खड़गवां जनपद पंचायत क्षेत्र में कैम्प लगाया जा रहा है कोरिया आरटीओ के द्वारा सड़क सुरक्षा कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया जिसमें आरटीओ के पास लर्निंग लाइसेंस के लिए सैकड़ों फ्रॉम जमा किया गया ।

इसके तहत सभी आवेदकों से 600 सो रूपये लिए जा रहे है ।
आपको बता दे कि इन दिनों पुलिस विभाग कोरिया और एमसीबी जिले में जगह जगह हेलमेट चैकिंग और व्हीकल निमयों का पालन करने के लिए एमसीबी/ कोरिया जिले के पुलिस कप्तान के द्वारा सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है इसी तारतम्य मैं चेकिंग अभियान जोर शोर से किया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है ।

जिसके तहत आम लोगों मैं जागरूकता फैल रही है जिन लोगों के पास लाइसेंस नहीं है वो लोग कैम्प के माध्यम से लाइसेंस बनवाने के लिए लाइनें लगा रहे है और अपना लाइसेंस बनवा रहे है। खड़गवां जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए यह सुविधा वाकई मददगार साबित हुई होगी, क्योंकि अक्सर आरटीओ के चक्कर काटने के लिए लोगों को जिला मुख्यालय जाना पड़ता था। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सेवाओं को सुलभ बनाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) कोरिया द्वारा खड़गवां जनपद पंचायत क्षेत्र में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी पहुंचे और लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया।
ग्रामीणों में दिखा जबरदस्त उत्साह कैम्प के दौरान खड़गवां और आसपास के गांवों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में मौके पर ही दस्तावेजों की जांच की गई और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराई गई। शिविर के दौरान सैकड़ों की संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस तरह के आयोजनों की स्थानीय स्तर पर भारी मांग थी।
घर के पास मिली सुविधा आमतौर पर ग्रामीणों को लर्निंग लाइसेंस के लिए जिला मुख्यालय स्थित आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे उनका समय और पैसा दोनों खर्च होता था। इस शिविर के माध्यम से उन्हें उनके अपने ही जनपद क्षेत्र में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल समय की बचत हुई, बल्कि दलालों के चक्कर से भी मुक्ति मिली।





