हनुमान टेकरी चैंपियन ट्रॉफी की टीम द्वारा मंत्री जी का आत्मीय और भव्य स्वागत किया गया। मंत्री जी ने अपने संबोधन में युवा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन और टीम भावना भी सिखाते हैं।

उग्रसेन पाल
चिरमिरी।हनुमान टेकरी चैंपियन ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। गोरखनाथ ग्राउंड में आयोजित इस भव्य खेल प्रतियोगिता ने न केवल खेल भावना को बढ़ावा दिया, बल्कि क्षेत्र के विकास के लिए नई सौगातें भी प्राप्त कीं।
यहाँ कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियां और मुख्य अंश दिए गए हैं:
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ
1. भव्य स्वागत और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन
हनुमान टेकरी चैंपियन ट्रॉफी की टीम द्वारा मंत्री जी का आत्मीय और भव्य स्वागत किया गया। मंत्री जी ने अपने संबोधन में युवा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन और टीम भावना भी सिखाते हैं।
2. अंतरराज्यीय रोमांच: छत्तीसगढ़ बनाम मध्य प्रदेश
प्रतियोगिता के फाइनल में मध्य प्रदेश से आए खिलाड़ियों की भागीदारी ने इसे एक अंतरराज्यीय स्तर का रोमांचक मुकाबला बना दिया। मंत्री जी ने बाहरी राज्य से आए खिलाड़ियों का विशेष रूप से स्वागत किया और उनके खेल कौशल की प्रशंसा की।
3. गोरखनाथ मंदिर और ग्राउंड के लिए बड़ी घोषणाएँ
जनता की भावनाओं और क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट मंत्री ने महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियों की घोषणा की:
गोरखनाथ मंदिर: मंदिर के फिनिशिंग कार्य और चेकर टाइल्स लगाने के लिए 20 लाख 56 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
गोरखनाथ ग्राउंड का कायाकल्प: खेल मैदान की मरम्मत और सुधार के लिए भी विशेष सौगात दी गई। मंत्री जी ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में गोरखनाथ ग्राउंड का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ और आधुनिक नजर आएगा।
4. दर्शकों का अभिवादन
मंत्री जी के प्रभावशाली भाषण और विकास कार्यों की घोषणा से उत्साहित दर्शकों और गणमान्य नागरिकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका अभिवादन किया। पूरा गोरखनाथ ग्राउंड काफी समय तक तालियों की गूँज से सराबोर रहा।
मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हनुमान टेकरी चैंपियन ट्रॉफी की टीम को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसी खेल प्रतियोगिताओं का निरंतर होना आवश्यक है ताकि छिपी हुई प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिले।




