छत्तीसगढ़

मंत्री के गृह क्षेत्र में वन विभाग के द्वारा गरीबों का मकान तोड़ा गया  जिम्मेदार अधिकारी मौन  महिला आधी रात को मंत्री के घर के बाहर बैठे हुए नजर आए 

मंत्री के गृह क्षेत्र में वन विभाग के द्वारा गरीबों का मकान तोड़ा गया 

जिम्मेदार अधिकारी मौन 

महिला अधि रात को मंत्री के घर के बाहर बैठे हुए नजर आए 

उग्रसेन पाल 

खड़गवां।आज फिर गरीब का आशियाना टूट गया छोटे बच्चे सड़क के किनारे चटाई पर सोते नजर आए ,ग्रामीण लोग न्याय की गुहार लगा इधर-उधर हो रहे हैं, परेशान ।गरीब जनता का ही घर क्यों तोड़ा जा रहा है जबकि रसूखदार खुले आम बेखौफ होकर घूम रहे हैं भू माफियाओं के ऊपर क्यों करवाई नहीं होती क्या प्रशासन की कार्यवाही निम्न लोगों के लिए ही है।


यह एक बड़ा सवाल है मनेंद्रगढ़ ,चिरमिरी, भरतपुर जिले के खडगावां ब्लॉक में ग्राम पंचायत कोडांगी के अंतर्गत आज फॉरेस्ट विभाग ने जेसीबी से गरीब लोगों का मकान को धराशाई कर दिया और तो और राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पण्डो

जनजाति जो की इनको राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र कहा जाता है और इनको सरकार से विशेष दर्जा भी मिलता है चाहे वह केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार हो बावजूद वन अमला उनके घरों को तोड़ने में तनिक भी कुरेज नहीं करते हैं बेधड़क बिना किसी नोटिस के बिना किसी सूचना के जेसीबी लगाकर आधे घंटे में सब तहस-नहस करके जिम्मेदार

अधिकारी अपना फोन बंद करके न जाने कहां चले जाते हैं मानो ऐसा लगता हो कि वह पाताल लोक में जाकर शरण ले रहे हो जी हां हम बात कर रहे हैं मनेंद्रगढ़ ,चिरमिरी ,भरतपुर जिले के अंतर्गत आने वाला खडगवां जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कोडांगी क्षेत्र का जो की रतनपुर से सटा हुआ है जी है वही गांव जहां से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आते है ,अब सवाल यह है कि स्वास्थ्य मंत्री जी के गृह क्षेत्र मैं इतना बड़ा कार्यवाही वन विभाग करता है और मंत्री जी जिला कार्यालय मैं प्रदेश अध्यक्ष जी के 27/11/2025 के आगमन की तैयारी मैं बिजी थे बीजेपी के जिला कार्यालय के भूमि पूजन का प्लान चल रहा था ठीक उसी वक्त गरीब महिला अपने छोटे छोटे बच्चों को गोद मैं लिए न्याय के लिए शासन से गुहार लगा रहे थे।
आखिर उनका मकान क्यो तोड़ा गया क्या अवैध कब्जा था या फिर कोई साजिश यह तो जांच पर पता चलेगा


लेकिन जानकारी के मुताबिक अगर अवैध कब्जा था तो वन विभाग इसकी जानकारी क्यों नहीं दिए और न ही कोई नोटिस दिया गया । बताया जा रहा है वन भूमि पर तो और लोग कब्जा किए हुए है उनका मकान क्यो नहीं तोड़ा गया और आपको बता दे

आधी रात को महिला बच्चों को गोद मैं लिए मंत्री जी के घर के बाहर जा बैठे है और न्याय की गुहार लगा रहे है तस्वीर मैं दिख रहे महिला और उनके साथ कुछ युवक साथी है जो कि मंत्री जी से न्याय करने बाहर कडाके की ठंड पर बैठे है खबर प्रकाशन होने तक किसी जिम्मेदार अधिकारी न तो लोगों का फोन रिसीव किए और न ही मौके पर पहुंची।

शासन प्रशासन किसके आदेश का पालन कर रहे है इतना घोर एक तरफा कार्यवाही कही न कही अंधेर नगरी चौपट राजा टके सेर भाजी टके सेर खाजा की कहावत पुनः दोहराई जा रही है ।

अंधेर नगरी चौपट राजा” एक मुहावरा है जिसका अर्थ है कि जब शासन व्यवस्था खराब या मूर्खतापूर्ण हो, तो राज्य में अव्यवस्था और अराजकता फैल जाती है। यह तब कहा जाता है जब कोई मूर्ख या अयोग्य शासक या मुखिया होता है, जहाँ किसी भी चीज़ का कोई उचित मूल्य नहीं रह जाता और अन्याय होता रहता है। इसका पूरा रूप है “अंधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा”, जो बताता है कि एक बुरे शासक के राज में हर वस्तु, चाहे वह भाजी हो या खाजा, एक ही भाव पर बिकती है।


आपको बता दे के इस कार्यवाही मैं एक मजदूर किसान का मकान भी तोड़ दिया गया जो सरकार के कहे और वादे के अनुसार वन अधिकार पट्टा प्राप्त कर चुका था , कार्रवाई मैं मस्त वन विभाग उसका भी मकान तोड़ कर गायब हो गए ।
कुछ लोगों का सीधे आरोप है कि अगर मकान पर जेसीबी चलवाकर तोड़ा गया तो अगल बगल के मकान को क्यों नहीं तोड़ा गया,
क्या वे सब किसी राज नेता या मंत्री जी के खास है ये आरोप कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता का कहना है क्यों कि मंत्री जी के गृह क्षेत्र का यह पूरा मामला है उनका आरोप है कि चुनाव के वक्त सभी का पैर पकड़ कर वोट की अपील कर रहे थे और चुनाव जीत कर जब मंत्री बन गए तो गरीब लोगों के मकान पर बुलडोजर, जेसीबी, चलवा रहे है इधर आधी रात को मंत्री के घर के बाहर महिला और बच्चे न्याय व्यवस्था पर सवाल करने के लिए व्याकुल है और उधर मंत्री जी रजाई की गर्माहट ले रहे है ।
अगर हम नियम की बात करे तो जनपद के आवंटित दुकान पर एक राशुक दार अवैध कब्जा कर जनपद के द्वारा आबंटित दुकान के ऊपर एक अतिरिक्त दुकान बना है उस पर किसी अधिकारी का जेसीबी नहीं चल पाया
क्यों कि वो व्यक्ति बीजेपी के सहयोगी माने जाते है और विधायक कार्यालय का प्रभारी भी है
ये हम नहीं कह रहे है यह आरोप सीधे जनपद सदस्य युगांतर श्रीवास्तव ने कहा है और अनुविभागीय दण्डधिकारी खड़गवां से पत्राचार के माध्यम से कार्रवाई की मांग भी कर चुके है ।
बावजूद अब तक कही कुछ नहीं हो पाया है ।
वहीं बीते दिनों चिरमिरी मैं नगर पालिक निगम के द्वारा सड़क के किनारे गरीब लोग जीविका के साधन बना कर जीविकापार्जन कर रहे थे उनका भी झाला को डोजर चला कर तोड़ दिया गया
ये सब कार्रवाई गरीब बेसहारा पर ही हो रहा है इन कार्रवाई मैं कही भी रासुका दार या फिर भूमाफिया के विरुद्ध नहीं हो रहा है केवल और केवल गरीब लोगों को कानून के नियम बताए जा रहे है
स्वास्थ्य मंत्री बिहार चुनाव में नाचते नजर आते है और उधर कवर्धा मैं कैंसर से पीड़ित महिला को पति बाइक पर लेटा कर देशी जुगाड से इलाज के लिए इधर उधर भटकता हुआ एक वीडियो वायरल हुआ ,
ये सब ट्रिपल इंजन के सरकार के रहते हो रहा है ।
फ़िलहाल खड़गवां की बात करे तो जिन लोगों का मकान तोड़ा गया है उन लोगों को विधायक जी के द्वारा क्या आश्वासनों मिलता है यह तो सुबह पता चलेगा अभी फ़िलहाल गरीब लोग महिला और बच्चे के साथ आधी रात से मंत्री जी के घर के बाहर बैठे हुए है।

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