छत्तीसगढ़

जब “पत्रकार मिलन” जैसे कार्यक्रम में ही भेदभाव हो, तो यह पत्रकारों के स्वाभिमान को ठेस पहुँचाता है। इससे स्वास्थ्य मंत्री की क्षेत्रीय छवि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। पत्रकार मिलन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री के नवा pro ने  किया भेदभाव  मंत्री ने कहा सभी को बुलाना  मंत्री के नवा pro ने निमंत्रण नहीं दिया अपने चहते को प्राथमिकता दिया।

पत्रकार मिलन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री के नवा नवा  pro ने  किया भेदभाव 

मंत्री ने कहा सभी को बुलाना 

मंत्री के नवा pro ने निमंत्रण नहीं दिया अपने चहते को प्राथमिकता दिया।

जब “पत्रकार मिलन” जैसे कार्यक्रम में ही भेदभाव हो, तो यह पत्रकारों के स्वाभिमान को ठेस पहुँचाता है। इससे स्वास्थ्य मंत्री की क्षेत्रीय छवि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

उग्रसेन पाल संपादक 
9691442556
 19/01/2026 को नव वर्ष के उपलक्ष्य मैं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मिलन समारोह कार्यक्रम रखा और pro को सभी को निमंत्रण देने को कहा लेकिन नया नया बने pro और pro के चमच ने  अपनी मन की किया आपसी द्वेष के वजह से नहीं बुलाया सभी पत्रकारों को। यह एक गंभीर विषय है।
पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है और यदि स्वास्थ्य मंत्री के ‘पत्रकार मिलन समारोह’ जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर उनके नवा (नवनियुक्त) PRO द्वारा भेदभाव की खबरें आ रही हैं, तो यह न केवल पत्रकारों के सम्मान के खिलाफ है बल्कि सरकार की छवि पर भी सवाल उठाता है।
आमतौर पर ऐसे आयोजनों में सभी छोटे-बड़े मीडिया संस्थानों को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए।

यह मामला मनेंद्रगढ़ (छत्तीसगढ़) के लाई ग्राम पंचायत का है, जो कि नवगठित जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) के अंतर्गत आता है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल इसी क्षेत्र से आते हैं, इसलिए उनके PRO द्वारा किया गया यह व्यवहार और भी चर्चा का विषय बन गया है।

​ग्रामीण अंचलों में कार्यरत पत्रकारों के साथ इस तरह का भेदभाव अक्सर तब होता है जब नए अधिकारी जमीनी स्तर की पत्रकारिता के महत्व को नहीं समझते।

​इस स्थिति के संभावित परिणाम और कदम:

  • ​स्थानीय पत्रकारों का आक्रोश: जब “पत्रकार मिलन” जैसे कार्यक्रम में ही भेदभाव हो, तो यह पत्रकारों के स्वाभिमान को ठेस पहुँचाता है। इससे स्वास्थ्य मंत्री की क्षेत्रीय छवि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
  • ​प्रशासनिक चूक: नवा (नवनियुक्त) PRO द्वारा स्थानीय और क्षेत्रीय पत्रकारों की अनदेखी करना उनकी कार्यकुशलता पर सवाल खड़ा करता है। उन्हें यह समझना चाहिए कि ग्रामीण क्षेत्रों की खबरें इन्हीं स्थानीय पत्रकारों के माध्यम से सरकार तक पहुँचती हैं।
  • ​एकजुटता का संदेश: ऐसे समय में क्षेत्र के सभी पत्रकारों को एकजुट होकर अपनी बात रखनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी कार्यक्रम में “लाई” या अन्य पंचायतों के प्रतिनिधियों और पत्रकारों के साथ ऐसा व्यवहार न हो।
  • बाइट —-  वही पीड़ित पत्रकारों का कहना है कि साल का पहला पत्रकार मिलन समारोह मैं भेदभाव करना बहुत ही निंदनीय है मंत्री जी छवि को एसे न समझ pro के वजह से धूमिल होना पड़ रहा है 
पत्रकार संघ के अध्यक्ष को इस मामले मैं संज्ञान लेना चाहिए और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए 

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