क्राइम
कोरिया में अवैध रेत उत्खनन को लेकर हिंसा , दो गुटों का खूनी खेल: त्रिपाठी और ठाकुर गैंग में हिंसक झड़प, फॉर्च्यूनर फूंकी, 1 की मौत, इलाके में कर्फ्यू जैसा माहौल

# कोरिया में रेत माफियाओं का खूनी खेल: त्रिपाठी और ठाकुर गैंग में हिंसक झड़प, फॉर्च्यूनर फूंकी, 1 की मौत, इलाके में कर्फ्यू जैसा माहौल
**बैकुंठपुर/सोनहत (कोरिया)।**
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक सनसनीखेज और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली बड़ी घटना सामने आई है। अवैध रेत उत्खनन को लेकर दो गुटों—**त्रिपाठी गैंग और ठाकुर गैंग**—के बीच हुई खूनी जंग ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस हिंसक झड़प में 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत की खबर है। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
### अवैध रेत उत्खनन बना विवाद की मुख्य वजह
मिली जानकारी के अनुसार, इस खूनी संघर्ष की मुख्य जड़ क्षेत्र में लंबे समय से चल रहा अवैध रेत उत्खनन है। मंगलवार की देर रात सोनहत के नवगई गांव में रहने वाले त्रिपाठी परिवार के घर पर ठाकुर ग्रुप के दर्जनों लोगों ने अचानक हमला बोल दिया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठी-डंडे और धारदार हथियारों से मारपीट शुरू हो गई।
### फॉर्च्यूनर कार को फूंका, कटगोड़ी में फैली सनसनी
विवाद इस कदर बढ़ा कि हमलावरों ने एक पक्ष की लग्जरी फॉर्च्यूनर कार को आग के हवाले कर दिया। बैकुंठपुर के कटगोड़ी मार्ग पर जलती हुई फॉर्च्यूनर कार मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना स्थल पर ही एक टीपर (डंपर) गाड़ी भी बरामद हुई है, जिससे यह साफ होता है कि मामला पूरी तरह रेत के अवैध परिवहन से जुड़ा हुआ है। कार में लगी आग और हिंसा के बाद क्षेत्र में कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा हुआ है।
### पुलिसिया कार्रवाई: 4 हिरासत में, 3 आरोपी फरार
कोरिया पुलिस के मुताबिक, फॉर्च्यूनर कार में आग कैसे लगी या लगाई गई, इसकी विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।
* **FIR दर्ज:** पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है, जिसमें अब तक 7 मुख्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं।
* **गिरफ्तारी:** नामजद आरोपियों में से 4 को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
* **तलाश जारी:** घटना के बाद से 3 आरोपी फरार हैं, जिनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं। पुलिस की विशेष टीमें उनकी धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।
> **पुलिस प्रशासन का बयान:** *”मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। 4 संदेही हिरासत में हैं। फरार आरोपियों के मिलते ही और नए तथ्य सामने आते ही मीडिया को विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।”*
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### पुलिस गश्त पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
इतनी बड़ी वारदात के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और पुलिस के खिलाफ भारी आक्रोश है। मृतक के परिवार में शोक की लहर है और वे जल्द से जल्द न्याय की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि क्षेत्र में पुलिस की **नाइट पेट्रोलिंग (रात की गश्त)** प्रभावी ढंग से हो रही होती, तो इतनी बड़ी घटना को समय रहते रोका जा सकता था। कहीं न कहीं इसे पुलिसिंग की एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि:
1. क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए।
2. रात के समय पुलिस की पेट्रोलिंग को अनिवार्य रूप से बढ़ाया जाए।
3. इस पूरी खूनी जंग की मुख्य वजह—**अवैध रेत उत्खनन**—पर हमेशा के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
अब देखना यह होगा कि इस खूनी संघर्ष के बाद क्या जिला प्रशासन और खनिज विभाग नींद से जागेगा और क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं पर कोई कड़ा हंटर चलाएगा?
**- ब्यूरो रिपोर्ट, [उग्रसेन पाल /AA मीडिया टाइम्स ]**







