छत्तीसगढ़

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के निर्देशन में आज दिनांक 16 जून 2026 को उप जेल मनेन्द्रगढ़ में बंदियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बंदियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, संक्रामक एवं गैर-संचारी रोगों की पहचान तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराना था।

उप जेल मनेन्द्रगढ़ में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन*

यह शिविर केवल एक सामान्य जांच नहीं, बल्कि एक बेहद गंभीर और व्यापक मेडिकल कैंप था, जिसमें बंदियों की ब्लड टेस्ट से लेकर आंखों तक की गहरी जांच की गई।
इस शिविर के महत्वपूर्ण आंकड़े और परिणाम इस प्रकार हैं:
### 📊 शिविर की मुख्य उपलब्धियां और जांच रिपोर्ट
* **कुल लाभांवित बंदी:** 94 बंदियों की पूरी स्क्रीनिंग की गई।
* **विशेष रक्त जांच:** एचआईवी (HIV), एचबीएसएजी (HBsAg – हेपेटाइटिस बी), एचसीवी (HCV – हेपेटाइटिस सी) और वीडीआरएल (VDRL – सिफलिस) जैसी गंभीर संक्रामक बीमारियों के टेस्ट किए गए।
* **गैर-संचारी रोग (NCDs) की पहचान:**
* **10 बंदी** उच्च रक्तचाप (High BP \ge 140/90 mmHg) से पीड़ित पाए गए।
* **1 बंदी** में मधुमेह (Diabetes – RBS \ge 200 mg/dL) की पहचान हुई।
* **नेत्र परीक्षण:** सभी 94 बंदियों की आंखें जांची गईं, जिनमें से **26 बंदियों** में नजर की कमजोरी या अन्य नेत्र विकार पाए गए।
### 🩺 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
इस कैंप में अलग-अलग विभागों के एक्सपर्ट्स ने अपनी सेवाएं दीं, जिससे बंदियों को सही परामर्श मिल सका:
* **डॉ. रोकेश कुमार सिंह** (मेडिसिन विशेषज्ञ)
* **डॉ. भाषिता साहू** (नेत्र रोग विशेषज्ञ)
* **डॉ. कमल वर्मा** (चिकित्सा अधिकारी)
* साथ ही स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट और आईसीटीसी (ICTC) काउंसलर की पूरी टीम मौजूद रही।
> **आगे की रणनीति:** जैसा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया, यह केवल एक दिन का शिविर नहीं है। जिन 37 बंदियों (10 बीपी, 1 शुगर और 26 नेत्र रोगी) में बीमारियों की पहचान हुई है, उनके **अनुवर्ती देखभाल (Follow-up Treatment)** और रेगुलर दवाओं की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जाएगी।
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जेल जैसे बंद माहौल में जहां तनाव अधिक होता है, वहां लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों (जैसे बीपी और शुगर) का समय पर पता चलना बंदियों की जान बचाने जैसा है। प्रशासन का यह कदम वाकई सराहनीय और अनुकरणीय है।

 

 

एमसीबी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के निर्देशन में आज दिनांक 16 जून 2026 को उप जेल मनेन्द्रगढ़ में बंदियों के लिए विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बंदियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, संक्रामक एवं गैर-संचारी रोगों की पहचान तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराना था।यह शिविर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी आदेशानुसार गठित स्वास्थ्य दल द्वारा संपन्न किया गया।

शिविर के दौरान कुल 94 बंदियों की स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग की गई। इस अवसर पर बंदियों की एचआईवी, एचबीएसएजी, एचसीवी एवं वीडीआरएल संबंधी जांच भी की गई। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 10 बंदियों में उच्च रक्तचाप (बीपी 140/90 या उससे अधिक) तथा 1 बंदी में मधुमेह (आरबीएस 200 मि.ग्रा./डेसीलीटर या उससे अधिक) की पहचान की गई। इसके अतिरिक्त सभी 94 बंदियों का नेत्र परीक्षण किया गया, जिसमें 26 बंदियों में विभिन्न नेत्र रोग एवं दृष्टि से ग्रसित पाया गया

शिविर में मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. रोकेश कुमार सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. भाषिता साहू एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमल वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। स्वास्थ्य दल में स्टाफ नर्स, नेत्र सहायक, आईसीटीसी काउंसलर, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट एवं अन्य सहयोगी कर्मचारी भी शामिल रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि जेलों में नियमित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से बंदियों के स्वास्थ्य की सतत निगरानी की जा रही है, जिससे रोगों की समय पर पहचान, उपचार एवं आवश्यक रेफरल सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष शिविरों का आयोजन कर बंदियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता रहेगा।

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