करोड़ो खर्च कर ध्वस्त योजनाओं के साथ रजत जयंती छत्तीसगढ़

करोड़ो खर्च कर ध्वस्त योजनाओं के साथ रजत जयंती छत्तीसगढ़
उग्रसेन पाल।

चिरमिरी ।छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूरे होने को है ऐसे में रजत जयंती मनाने की तैयारी जिले से लेकर राज्यस्तर तक पूरा अमला लगा हुआ है । लेकिन क्या रजत जयंती मनाने से छत्तीसगढ़ राज्य स्थिति दुरुस्त हो जाएगा । जितना उत्साह अधिकारी जनप्रतिनिधियों में रजत जयंती को लेकर है क्या हम इन 25 वर्षों में इतनी सम्पन्न और विकसित हुए है । इसका आकलन भी हमे अपने विवेकानुसार करने की आवश्यकता है । तत्कालीन प्रधानमंत्री स्व अटलबिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना किया इस उद्देश्य से की छोटा राज्य होने से विकास में गति आएगी । लेकिन 25 वर्षों में हमने क्या क्या उपलब्धियां हासिल की और क्या क्या खामियां हममें अभी भी है यह देखना केवल विपक्ष का काम नही छत्तीसगढ़ के निवासी होने के नाते हमने भी जो अनुभव किया उसे समझने की आवश्यकता हमे भी है । छत्तीसगढ़ निर्माण के समय हमारे यहां बीपीएल के कितने राशनकार्ड धारी रहे और वर्तमान में कितने है यह जानना भी जरूरी है । सड़को की स्थिति दुरुस्त करने अगर हम आज भी आंदोलनरत हैं तो यह भी एक प्रश्न चिन्ह है । स्वास्थ कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा की स्थिति भी चिंत्तन का विषय है । आज अगर राज्य के राजस्व विभाग के बढ़े अधिकारी (तहसीलदार) से लेकर स्कूल में स्वीपर के पद पर पदस्त कर्मचारी अगर अपनी मांगों को लेकर धरने और ज्ञापन जैसे प्रदर्शन कर रहे तो क्या यह रजत उत्सववर्ष है ।
मैं बताना चाहूंगा तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह जी के कार्यकाल में रतन जोत के पौधे से पूरे छत्तीसगढ़ को पाट दिया गया कि भविष्य में इन पौधों से बायोडीजल उतपन्न किया जाएगा जो निश्चित ही दूरदर्शी योजना रही लेकिन क्या अब इसपर तत्कालीन सरकार कोई पहल कर रही । रतनजोत और रजत जयंती पर विपक्ष भी कोई सवाल करने में संकोच कर रहा । हमने इन 25 वर्षों में बहुत बड़े बड़े योजना देखे जो न जाने और कितने वर्ष बाद छत्तीसगढ़ को लाभ दिला सके ।
गौठान गोबर खाद , धान से इथेनॉल , अडानी के निजीकरण से रोजगार , स्काई वाक से सौंदर्यीकरण , नलजल मिशन से टोटी से निकलता अदृश्य द्रव , चिराग लेकर विदेशी इन्वेस्टर की खोज नीति , जहाँ आज भी किसान यूरिया खाद के लिए आन्दोलन कि तैयारी में हो । इतने बड़े बड़े करोड़ो की लागत वाले योजनो की फाइल उस एक मंत्र *खुल जा सिमसिम* कहने वाले बाबा के आवाज की प्रतीक्षा में हो हम बिना रत्न देखे ही रजत जयंती मनाने की तैयारी में हो तो मुझे भी रजत जयंती की बधाई देने और लेने में कोई खाशा हर्ज नही । समस्त छत्तीसगढ़ वासियों को रजत जयंती की ढेरों शुभकामनाएं ।
डी0सी0 बघेल , शंकर प्रसाद प्रदेश कल्याण सचिव (अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार एसोशिएशन छत्तीसगढ़)



