चिरमिरी मैं शासकीय पीडीएस दुकान के चावल की काला बाजारी कोचिया लोग pds दुकान के पास कांटा लगा कर ज्यादा पैसा का लालच दे कर चावल को खरीद कर अन्य जगह सप्लाई कर रहे है। चिरमिरी नगर पालिका निगम क्षेत्र का यह पूरा मामला

चिरमिरी मैं शासकीय पीडीएस दुकान के चावल की काला बाजारी
कोचिया लोग pds दुकान के पास कांटा लगा कर ज्यादा पैसा का लालच दे कर चावल को खरीद कर अन्य जगह सप्लाई कर रहे है।
चिरमिरी नगर पालिका निगम क्षेत्र का यह पूरा मामला

केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने ग़रीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले दिन हीन लोगों के लिए फ्री चावल देने का संकल्प लिया है

वहीं ग़रीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले गरीबों को प्रति माह चावल की व्यवस्था भी किया है और गरीबी को मिला भी रहा है

आपको बता दे कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने चावल, शकर, नामक देने के लिए गरीबों को राशन कार्ड जारी किया है और इनको नियमित रूप से मिल भी रहा है ।
लेकिन सरकार की योजना को ठेंगा दिखाने का काम किया जा रहा है

आपको जान कर हैरानी होगी जब आपको पता चलेगा कि जो लोग चावल की काला बाजारी मैं सहयोग कर रहे है दरअसल वो लोगों को सरकारी pds चावल से कोई लेना देना नहीं है। ये वो लोग है जिन्होंने गरीब बनने का ढोंग किया है

बता दे कि नगर पालिक निगम चिरमिरी से राशन कार्ड जारी करवा कर प्रति माह चावल, शकर, नामक सरकार से ले रहे है और चावल के काला बाजार मैं संलिप्त लोगो को बेच रहे है
चिरमिरी मैं ऐसे शक्षम लोग है जिनके पास सर्व सुविधा रहते हुए गरीबी रेखा का कार्ड जारी करवा कर शासन को चूना लगा रहे है गरीबी रेखा कार्ड की जांच किया जाए तो ऐसे 75 प्रतिशत लोगों है जो अवैध रूप से गरीबी रेखा का कार्ड अपने नाम पर जारी कर रखा है।
और सरकार से मिल रहे राशन को प्राप्त कर काला बाजार को सोफ रहे है
चंद पैसों की लालच मैं आकर चावल के काला बाजारी कर रहे है और कोचिया लोगों को बेच रहे है कोचिया शासकीय राशन की दुकानों पर पहले से डेरा जमा कर अपना एजेंट नियुक्त कर चावल को खरीद कर किसी अन्य जगह पर भंडारण कर रहे है और पिकअप पिकअप जब भंडारण हो जाता है तो उसकी तस्करी कर रहे है
चिरमिरी मैं व्यापक रूप से चावल की काला बाजारी हो रही है और स्थानीय शासन को इसकी भनक तक नहीं लग रहा है उनके नाक के नीचे ये सब आसानी किया जा रहा है
सही मायने मैं अगर राशन कार्ड की जांच किया जाए तो 75 प्रतिशत लोगों को अवैध रूप से कार्ड जारी हुआ है उन पर सुधार होगा और जो लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं उनका हक उनको मिलेगा ।
और चावल का काला बाजारी पर अंकुश लगेगा चिरमिरी के अधिकारी एवं एमसीबी के अधिकारी समय रहते चावल की काला बाजारी करने वालों पर कार्यवाही करते तो अब तक शासन की नियमों की धज्जियां नहीं उड़ाई जाती
वहीं जब खाद्यविभाग के जिम्मेदार अधिकारी को इसकी सूचना देने पर उनके द्वारा कहा जाता है कि मीडिया के माध्यम से हमें जानकारी मिली है हम इस मामले पर त्वरित कार्रवाई करेंगे
जैसे मानो उनको इसकी ट्रेनिंग दी जाती है कि कोई मीडिया कर्मी को बाइट कैसे देनी है इनकी करनी और कथनी मैं जमीन आसमान का फर्क रहता है इनसे कुछ हो पता तो नहीं मगर शासन से मोटा पगार जरूर लेते है और शासन को ठेंगा दिखाते रहते है





