छत्तीसगढ़

आर्थिक बनाम पर्यावरणीय संतुलन

2010 मैं अंजन हिल माइंस मैं जहरीली गैस रिसाव के कारण बहुत बड़ा जन हानि हुआ था जिसमें सेप्टी मेनेजर सहित लगभग 18 लोगों ने अपने जान गंवा दिए उसके बाद से अंजन हिल माइंस को पूरी तरह से इस ई सी एल के द्वारा बंद कर दिया गया 

और आज इस ई सी एल  फ्राइवेट हाथों मैं अंजन हिल माइंस को देना चाहता है  आखिर क्यों?  ये बड़ा सवाल

कोल इंडिया के जिम्मेदार अधिकारी सहित प्रशासनिक अधिकारी पर्यावरण विभाग के अधिकारी ने किया जन सुनवाई चिरमिरी के भूकभूकी मैं हुआ जन सुनवाई ।
स्थानीय ग्रामीण जनों ने अंजन हिल माइंस को ओपन कास्ट माइंस करने का पुरजोर विरोध किया 

उग्रसेन पाल।

चिरमिरी के अंजन हिल माइंस (Anjan Hill Mines) को फिर से शुरू करने का विषय वास्तव में काफी संवेदनशील है। एक तरफ जहां यह क्षेत्र की आर्थिक स्थिति और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण और जन सुरक्षा को लेकर चिरमिरी के लोगो की चिंताएं पूरी तरह जायज हैं।
जनसुनवाई के दौरान लोगों ने मंच के माध्यम से अपनी अपनी बातों को रखा और लोगो ने कहा

माइंस के ऊपर और आसपास की जमीन धंसने का खतरा बना रहता है, जो स्थानीय बस्तियों के लिए खतरनाक है।
* भूमिगत आग (Underground Fire): इस खदान में गैस और आग की समस्या पुरानी है, जो हवा और पानी को प्रदूषित कर सकती है।
* जल स्तर में गिरावट: खनन गतिविधियों के कारण क्षेत्र का भू-जल स्तर (Water Table) काफी नीचे जा सकता है, जिससे भविष्य में पानी की किल्लत हो सकती है।
आपको बता दे चिरमिरी के
लोग 2010 की त्रासदी को भूले नहीं हैं और उन्हें डर है कि सुरक्षा मानकों में चूक फिर से बड़ी जान-माल की हानि कर सकती है।
क्यों कि 2010 मैं अंजन हिल माइंस मैं जहरीली गैस रिसाव के कारण बहुत बड़ा जन हानि हुआ था जिसमें सेप्टी मेनेजर सहित लगभग 18 लोगों ने अपने जान गंवा दिए उसके बाद से अंजन हिल माइंस को पूरी तरह से इस ई सी एल के द्वारा बंद कर दिया।
था जानकर बताते है
इसका मुख्य कारण सुरक्षा में बड़ी चूक थी ।
और आज फिर से बहार के लोग चिरमिरी पर नजर गाढ़ा रहे हैं ओपन कास्ट माइंस खोलने से पर्यावरण को भारी नुकसान होगा और ग्रामीण जनों ने इस पर जनसुनाई के द्वारान अपना विरोध जताया।
फिलहाल अभी इस पूरे मामले पर कोई निर्णयक कदम नहीं लिया जा सका है।
आगे जिम्मेदार अधिकारी इस पर क्या फैसला लेते है ये आने वाला समय बताएगा फ़िलहाल स्थानीय लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया है।

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