छत्तीसगढ़
भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही चिरमिरी नगर पालिक निगम की जल संकट से निपटने की तैयारियों की पोल खुल गई है। निगम क्षेत्र का सबसे बड़ा क्षेत्र **गोदरीपारा** इन दिनों पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि अब बुजुर्गों और महिलाओं को इस भीषण गर्मी में सड़क पर उतरकर जन आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

पानी के लिए जूझता चिरमिरी का सबसे बड़ा वॉर्ड गोदरी पारा
महिला सहित बुजुर्गों ने जन आंदोलन मैं किया सहयोग
वार्ड पार्षद की चिंता वार्डो मैं नहीं मिल पा रहा पानी
चिरमिरी नगर पालिका निगम चिरमिरी की सबसे बड़ी विफलता
लोगों ने सड़क पर उतर कर शासन के कानों मैं फुक लगा कर मांग रहे पानी
इस चिलचिलाती गर्मी मैं लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा है
शासन कुंभकरणीय नींद में सोई हुई है
निगम प्रशासन विफल रहा पानी सप्लाई करने मैं
वही वार्ड के पूर्व पार्षद बबीता सिंह ने कह महिलाओं के घर पर खाना बनाने को पानी नहीं है भूखे प्यासे बच्चों को गोद मैं लेकर पानी के लिए मांग कर रहे है अगर शासन अभी नहीं सुना तो अब उग्र आंदोलन होगा गोदरी पारा का सबसे बड़ा वार्ड के 7 पार्षदों ने मांग किया है कि इस ई सी एल और निगम पानी सप्लाई करे और वार्डो मैं पर्याप्त पानी की व्यवस्था करे
## **नगर निगम की विफलता: चिलचिलाती गर्मी में प्यासा चिरमिरी, गोदरीपारा में पानी के लिए सड़क पर उतरीं महिलाएं**
**चिरमिरी।** भीषण गर्मी की शुरुआत होते ही चिरमिरी नगर पालिक निगम की जल संकट से निपटने की तैयारियों की पोल खुल गई है। निगम क्षेत्र का सबसे बड़ा क्षेत्र **गोदरीपारा** इन दिनों पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि अब बुजुर्गों और महिलाओं को इस भीषण गर्मी में सड़क पर उतरकर जन आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
### **शासन की ‘कुंभकरणी’ नींद और जनता का आक्रोश**
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शासन और निगम प्रशासन ‘कुंभकरणी’ नींद में सोया हुआ है। चिलचिलाती धूप में लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की और शासन के कानों तक अपनी आवाज पहुँचाने के लिए सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। स्थानीय निवासियों के अनुसार, निगम प्रशासन पानी की सुचारू सप्लाई करने में पूरी तरह विफल साबित हुआ है।
### **भूखे-प्यासे बच्चे और चूल्हा जलाने की चुनौती**
वार्ड की पूर्व पार्षद **बबीता सिंह** ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि स्थिति अत्यंत विकट है। घरों में खाना बनाने तक के लिए पानी उपलब्ध नहीं है। महिलाएं अपने छोटे-छोटे भूखे-प्यासे बच्चों को गोद में लेकर पानी की मांग कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शासन और प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा।
### **7 पार्षदों ने उठाई सामूहिक आवाज**
गोदरीपारा क्षेत्र के 7 पार्षदों ने भी जनता की इस मांग का समर्थन किया है। पार्षदों ने स्पष्ट रूप से **एसईसीएल (SECL)** और **नगर निगम प्रशासन** से मांग की है कि:
* तत्काल टैंकरों और पाइपलाइन के माध्यम से वार्डों में पर्याप्त पानी की व्यवस्था की जाए।
* एसईसीएल अपने संसाधनों का उपयोग कर क्षेत्र की प्यास बुझाने में सहयोग करे।
* भविष्य के लिए जल आपूर्ति की स्थायी योजना पर काम शुरू हो।
### **निगम की सबसे बड़ी विफलता**
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह चिरमिरी नगर निगम की अब तक की सबसे बड़ी विफलता है। एक ओर सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर सबसे बुनियादी जरूरत ‘पानी’ के लिए जनता को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ रहा है। जन आंदोलन में घंटे नारेबाजी करने के बाद महिलाओं को सड़क में उतरने के बाद आखिरकार।
जन आंदोलन का शांत करने और जनता की मांगों को पूरा करने के लिए तहसील दार समीर शर्मा सहित पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा और नगर निगम चिरमिरी के मुख्य अभियंता बसंत जायसवाल भी मौके पर आकर गोदरी पारा के जनमानस को आश्वस्त करते हुए कहा कि हमारी phe से बात हुई है बहुत जल्द पानी की आपूर्ति करेंगे
वहीं पार्षदों ने कहा कि हम एक बैठक कर के नगर निगम और इस ई सी एल के कार्यों योजना बना कर पानी की आपूर्ति तत्कालीन व्यवस्था कर इस विषाद गर्मी मैं गोद री पारा के लोगों को राहत दिलाने का काम करे।
अब देखना यह होगा कि इस जन आक्रोश के बाद प्रशासन की नींद टूटती है या गोदरीपारा की जनता को राहत मिलता हैं या इस तपती गर्मी में ऐसे ही प्यासा रहना पड़ेगा।








